
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है. अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. करीब 150 लोग उल्टी दस्त से बीमार हैं. दूषित पानी से फैली बीमारी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. गंदा पानी पीने से बीमार हुए सैकड़ों लोगों में से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. मरीजों का इलाज दो अलग अलग निजी अस्पताल वर्मा और त्रिवेणी में चल रहा है सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को इलाज में किसी भी तरह की कमी न रखने के निर्देश दिए.
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देर रात वर्मा और त्रिवेणी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. जिन लोगों ने इलाज के लिए पैसे जमा कराए हैं उन्हें वापस किया जाएगा.

जांच में आया सामने ..
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा क्षेत्र में सर्वे किया पता चला कि अधिकतर घरों में उल्टी-दस्त के मरीज हैं मंगलवार को ही नगर निगम की टीम ने दूषित पानी की वजह जानने के लिए क्षेत्र की जल वितरण लाइनों की जांच की जिस में यह बात निकल कर सामने आई की जिस मुख्य लाइन से पूरे भागीरथपुरा में पानी वितरित होता है, उसी के ऊपर सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। मुख्य लाइन फूटने की वजह से ड्रेनेज सीधे उसमें मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच रहा था इसके अलावा भी क्षेत्र में कई अन्य जगह पेयजल की वितरण लाइन में टूट-फूट मिली। इन टूटी-फूटी लाइनों में से ड्रेनेज पीने के पानी में मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच रहा था। जिसके बाद पूरे भागीरथपुरा में नर्मदा नदी के पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों के माध्यम से जल वितरण की व्यवस्था की गई है
अब तक 7 की मौत
मृतकों में अब तक गोमती रावत, उर्मिला यादव, सीमा प्रजापत, उमा पप्पू कोरी, नंदलाल पाल, मंजूला दिगंबर और तारा रानी की मृत्यु उल्टी-दस्त से दर्ज की गई है।
कांग्रेस ने बताया सरकारी हत्या..!

मंगलवार को बर्मा अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पहुंचे जिन्होंने सरकार के कम काज पर सवाल खड़े किया श्री पटवारी ने कहा यह कैसी सरकार है, जहाँ निर्दोष लोग भाजपा के भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं। पहले कफ सिरप से और अब पीने के पानी से लोगों की मौत हो रही है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी हत्या है।
