उपार्जन केंद्र प्रबंधक लेदरा का मामला

शहडोल– जिले के धान खरीदी केंद्रों पर इन दिनों अव्यवस्था चरम पर है। शासन की मंशा किसानों से सीधे धान खरीदकर उन्हें राहत देने की है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। कभी सोसायटी तो कभी स्व-सहायता समूहों को ढाल बनाकर खरीदी व्यवस्था को इस तरह उलझा दिया गया है कि सबसे ज्यादा नुकसान किसान को ही उठाना पड़ रहा है। खरीदी केंद्रों पर किसानों को कई-कई दिन लाइन में लगना पड़ रहा है। कभी सर्वर डाउन, तो कभी बारदाना नहीं होने का बहाना बनाकर धान नहीं लिया जा रहा।
किसान जब घर लौटता है, पूरा मामला खरीदी केंद्र लेदरा का है जहां पर प्रबंधक के द्वारा पूरा काम किसानों से कराया जा रहा है किसानों के सोसाईटी मे लेबर नहीं मिलने से किसानों के द्वारा स्वयं ही अपने से ही मजदूर लाया जाता है एवं बोरी सिलाई का पैसा दिया जा रहा है और पूरा काम किसानो के आपने पैसे से काम कराया जाता है अगर किसानों के द्वारा आवाज उठाई जाती है तो प्रबंधक और प्रबंधन के आदमियो के द्वारा किसानों को प्रताड़ित करते हैं एवं किसानों का धान लौटा दिया जाता है आखिर कहीं ना कहीं अन्नदाता किसान परेशान है और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है कुछ किसान डर के बजह से नहीं बता पा रहे हैं अपनी समस्या किसानों ने साफ कहा है कि अगर हम अपनी आवाज उठाएंगे तो सोसाइटी के आदमियों के द्वारा हमारा धान वापस कर दी जाएगी
वही प्रबंधक सेन जी ने अपना कमीशन फिक्स किए हुए हैं एवं प्रबंधक नदारत रहते हैं जब कोई भी अधिकारी निरीक्षण के लिए जाते हैं तो प्रबंधक के द्वारा अपना मोबाइल बंद करे रहते है और इधर समिति के आदमी बचोलिया किसानों से अपना जेब भर रहे हैं और ना ही किसानों को पानी पीने की व्यवस्था है ना ही कोई टेंट लगाया गया है और जो धान समिति प्रबंधक के द्वारा खरीदी गई है उस धान की पूरी बोरी फटी हुई है जो सरकार को काफी नुकसान हो रहा है एवं बोरी से धान गिरा हुआ है कहीं ना कहीं समिति प्रबंधक की लापरवाही नजर आ रही है लेदरा सोसाईटी अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज खरीदी केंद्र चल रहा है अब यह देखना होगा खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कुछ कार्यवाही होती हैजब इस संबंध मे लैम्पस प्रबंधक अभय सेन सः संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन बंद रहा
