अपराधियों पर ऐसी कार्यवाही करें जिससे उनके हौसले पस्त हों — मुख्य सचिव अनुराग जैन

अपराधियों पर ऐसी कार्यवाही करें जिससे उनके हौसले पस्त हों — मुख्य सचिव अनुराग जैन

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कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के पालन प्रतिवेदन पर समीक्षा

भोपाल — मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिये है कि वे अवैध खनिज कारोबार सहित समाज विरोधी अन्य गतिविधियों को सख्ती से रोके और ऐसी कार्रवाई करें जिससे इस तरह की गतिविधियों में संलग्न लोगों के हौसले पस्त हों और भविष्य में इस तरह के अपराध नहीं हो। मुख्य सचिव श्री जैन ने भिंड मुरैना शहडोल जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों को विशेष अभियान चलाकर इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है। मुख्य सचिव ने कलेक्टर और एस.पी को संयुक्त बैठक करने और प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक बनायें रखने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर एक्शन लेने निर्देशित किया। कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कान्फ्रेंस के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा बैठक बुधवार को मंत्रालय में हुई। कांन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, जिलों के कलेक्टर और एस.पी तथा अन्य पुलिस और प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग से सम्मिलित हुए।

बैठक में बताया गया कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसी बस्तियां, जहां संकरी सड़कें हैं और मूवमेंट में समस्या आती है, ऐसे स्थानों वाले 24 जिलों में अब तक जोनल प्लान तैयार किया गया है। ऐसी 1343 गलियों और बस्तियों को संवेदेनशील माना गया है और 23 जिलो में जीआईएस मैप पर अंकित किया है। शेष जिलों के अधिकारियों को आगामी 3 माह में सम्पूर्ण कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, जिससे बेहतर पुलिसिंग हो सके। डीजीपी श्री मकवाना ने बताया कि प्रदेश में 1900 से अधिक गुम बालिकाओं को बरामद किया गया है और महिला अपराध की रोकथाम के लिए विद्यालयीन स्तर पर भी में जागरूकता अभियान चलाया गया है। मुख्य सचिव श्री जैन ने महिला अपराधों की रोकथाम के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के लिए निर्देश दिये हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग फ्री इंडिया अभियान के तहत अगले 3 वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है। ड्रग एवं अन्य नशीले पदार्थ के उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष मुहिम चलाने के निर्देश दिये गए है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि कलेक्टर और एस.पी संयुक्त बैठक करें और फोकस बिंदु पर कार्रवाई करें। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरूद्ध अपराधों की सख्ती से रोकथाम और ऐसे मामलों में पीड़ित पक्षकारों को निर्धारित अवधि में राहत राशि वितरित किये जाने के निर्देश दिये है। लंबित प्रकरणों में सागर के कलेक्टर और एस.पी. सहित लंबित प्रकरणों में असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों को संवेदनशील होकर प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने पूरी गम्भीरता से निराकरण की समय अवधि निर्धारित करते हुए एस.ओ.पी जारी करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान, ब्लैक स्पॉट कम करने जैसी गतिविधियां संचालित कर सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 45 से 50 प्रतिशत तक कमी लायी जा सकती है। उन्होंने गुना, डिंडौरी, मैहर मुरैना श्योपुर जैसे जिलों को और अधिक कार्य करने के निर्देश दिये। प्रदेश में 481 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गए है और इन्हें ठीक करने के प्रयास जारी है। बैठक में जीरो फेटिलिटी डिस्ट्रिक्ट, कैशलेस उपचार योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने बताया कि कैशलेस योजना में देश के मध्यप्रदेश सहित 6 राज्य शामिल हैं और प्रधानमंत्री जल्द ही इस योजना का शुभारंभ करेंगे।

परिवहन सचिव ने बताया कि प्रदेश में अब तक इस योजना में 1600 अस्पताल पंजीकृत हुए है, जिनमें सड़क दुर्घटना में पीड़ित को एक सप्ताह तक डेढ़ लाख रूपये तक इलाज मुफ्त मिलेगा। जिला स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ, ट्रैफिक, स्वास्थ्य एवं एन.आई.सी के साथ संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिये गए है। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि 15 साल से अधिक पुराने शासकीय वाहनों को तत्काल हटाया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला ने भारतीय न्याय सहिता के सभी पहलूओं के प्रशिक्षण के लिए की गयी कार्यवाही की जानकारी दी।

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