उपभोक्ताओं को गुमराह करने पर अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो और मेटा पर जुर्माना लगाया गया

उपभोक्ताओं को गुमराह करने पर अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो और मेटा पर जुर्माना लगाया गया

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16,900 से अधिक नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म को चिन्ह्ति किया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी-टॉकी (पर्सनल मोबाइल रेडियो पीएमआर) की बड़े पैमाने पर अवैध सूची और बिक्री का स्वतः संज्ञान लिया है और उपभोक्ता संरक्षण और दूरसंचार नियमों के उल्लंघन के लिए प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर आर्थिक दंड लगाया है।

विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 16,970 से अधिक वॉकी-टॉकी के नियमों का उल्लंघन करने की पहचान के बाद यह कार्रवाई की गई है। अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो, जियोमार्ट, मेटा (फेसबुक मार्केटप्लेस), टॉक प्रो, चिमिया, मास्कमैन टॉयज, इंडिया मार्ट, ट्रेडइंडिया, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजीज, वरदानमार्ट और कृष्णा मार्ट सहित 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

प्राधिकरण ने पता लगाया कि कई प्लेटफॉर्म अनिवार्य वैधानिक अनुमोदन या खुलासे के बिना प्रतिबंधित और संवेदनशील रेडियो आवृत्ति बैंड पर चलने वाले वॉकी-टॉकी की बिक्री को बढ़ावा दे रहे थे। इन उपकरणों को उपभोक्ताओं को निम्नलिखित के बारे में सूचित किए बिना बेचा गया

वह रेडियो आवृत्ति रेंज जिस पर उपकरण संचालित होता हैक्या इस उपकरण के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता है?क्या इसे उपकरण प्रकार अनुमोदन (ईटीए ) प्राप्त हुआ है? यह दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा जारी किया गया एक अनिवार्य तकनीकी अनुमोदन है। यह सुनिश्चित करता है कि वायरलेस उपकरण भारत में उपयोग के लिए अनुपालन, सुरक्षित और अनुमत (डब्ल्यूपीसी) हैं।

इनमें से कई उपकरण अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी (यूएचएफ) बैंड में काम करते है। यह एक विनियमित स्पेक्ट्रम है और इसका उपयोग पुलिस, आपातकालीन सेवाओं, आपदा राहत एजेंसियों और अन्य महत्वपूर्ण संचार नेटवर्क द्वारा भी किया जाता है । कई उत्पादों का गलत तरीके से “लाइसेंस-मुक्त” या “शत-प्रतिशत कानूनी” के रूप में विज्ञापन किया गया था, जबकि उनके उपयोग के लिए सरकारी मंजूरी आवश्यक है। कुछ मामलों में, वॉकी-टॉकी को खिलौनों के रूप में बेचा गया था, लेकिन उनकी संचार सीमा 30 किलोमीटर तक बहुत लंबी थी। इसके अलावा, कई उत्पाद सूचियों में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी या उपकरण प्रकार अनुमोदन (ईटीए) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया था। इससे उपभोक्ताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो गया कि उत्पाद खरीदना और उपयोग करना कानूनी है या नहीं।

भारत में वॉकी-टॉकी की बिक्री, आयात और उपयोग निम्नलिखित नियमों के अंतर्गत विनियमित हैं:भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933कम शक्ति और अत्यंत कम शक्ति वाले अल्प दूरी के रेडियो आवृत्ति उपकरणों के उपयोग (लाइसेंसिंग आवश्यकता से छूट) नियम, 2018

इन नियमों के तहत, केवल 446.0–446.2 मेगाहर्ट्ज आवृत्ति बैंड के भीतर ही काम करने वाले वॉकी-टॉकी को लाइसेंस से छूट दी गई है। लाइसेंस से छूट प्राप्त ऐसे उपकरणों को भी भारत में आयात या बिक्री से पहले ईटीए प्रमाणन प्राप्त करना आवश्यक है। इन आवश्यकताओं का पालन न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी मानी जाएगी और यह उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 का उल्लंघन भी है।

इस प्रकार के उल्लंघनों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, सीसीपीए ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के परामर्श से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी-टॉकी सहित रेडियो उपकरणों की अवैध सूचीकरण और बिक्री की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2025 को अधिसूचित किया है।

आठ मामलों में अंतिम आदेश जारी..

मीशो (फैशनियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड),टॉक प्रो (आइकॉनेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड),मास्कमैन टॉयजचिमियाजियोमार्टमेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. (फेसबुक मार्केटप्लेस),फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड,अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड,अंतरिक्ष टेक्नोलॉजीज, इंडिया मार्ट, ट्रेडइंडिया, वरदानमार्ट और कृष्णा मार्ट के खिलाफ कार्यवाही वर्तमान में जांच या सुनवाई के विभिन्न चरणों में है।

Chimiya.com से सम्‍बंधित मामले में, सीसीपीए ने पता लगाया कि यह प्लेटफॉर्म यूएचएफ 400-470 मेगार्ह्ट्ज बैंड में चलने वाले रिचार्जेबल टू-वे वॉकी-टॉकी रेडियो बेच रहा था। यह भारत में लाइसेंस-मुक्त स्पेक्ट्रम के दायरे से बाहर हैं। ये उपकरण विदेशों से आयात किए गए थे और इन्हें अनिवार्य नियामक खुलासों के बिना सूचीबद्ध किया गया था। इनमें उपकरण प्रकार अनुमोदन (ईटीए) और 446.0-446.2 मेगार्ह्ट्ज बैंड के भीतर संचालन का सत्यापन शामिल है। ऐसे उपकरणों को आवश्यक वैधानिक अनुमोदन के बिना भारत में आयात, विज्ञापित या बेचा नहीं जा सकता है। सीसीपीए ने स्‍वीकार किया कि प्लेटफॉर्म ने उचित सावधानी नहीं बरती और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और लागू दूरसंचार नियमों का उल्लंघन किया।

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