बेशकीमती शासकीय भूमि अवैध कब्जा फिर बेदखली आदेश..! 

बेशकीमती शासकीय भूमि अवैध कब्जा फिर बेदखली आदेश..! 

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तात्कालिक तहसीलदार के स्थानांतरण बाद कागजों में दम तोड़ता बेदखली आदेश

मात्र 7,000 का जुर्माना, इधर कब्जेधारी अवैध कब्जे से काम रहा लाखों

इंट्रो– शहडोल में इन दिनों राजस्व अधिकारी के अवैध कब्जा रोकने में असहाय दिख रहे है या फिर ए कहे कि कुछ आदेश से तो ऐसे है जिनके बेदखली आदेश को देख कर यह कहना गलत नहीं होगा कि ये सजा नहीं अवैध कब्जेधारी को उपहार है..!

शहडोल। (जगदीश प्रसाद) शहडोल जिला में इन दिनों भू माफियाओं से शहर ही नहीं गांव ओर कस्बों की बेशकीमती शासकीय भूमि भी सुरक्षित नहीं है आलम यह है कि भू माफिया खुलेआम शासकीय भूमि पर कब्जा कर लेते है और राजस्व विभाग के जिम्मेदार जिनपर शासकीय भूमि के सुरक्षा का जिम्मा है वो भूमाफियाओं को लाभ दिलाने का काम करते दिखाई पड़ते है।

ये है पूरा मामला..

जिला के गोहपारू तहसील के नायब तहसीलदार खान्नौधि में 10/12/2024 को ग्राम बारकोड की शासकीय भूमि 978 वर्गफीट से बेदखल करने का आदेश तात्कालिक तहसीलदार आर.के. पद्माकर द्वारा जारी किया गया जिसमें 7 दिवस में अतिक्रमण हटाने का उल्लेख है साथ ही 7,000 का जुर्माना लगाया गया था इस संबंध में लीगल जानकारों का मानना है कि उक्त अतिक्रमित भूमि जिस पर मात्र 7,000 जुर्माने कि कार्यवाही करी गई है उसकी बाजारू कीमत लाखों में है जिस प्रकार से 10/12/2024 के बाद से 2026 जनवरी तक बेदखली कार्यवाही नहीं हुई उससे यह बात की चर्चा होने लगी है कि कही राजस्व अधिकारियों ने अवैध कब्जेधारी को यह भूमि उपहार में तो नहीं दे दी गई, वहीं दूसरी ओर अतिक्रमणकारी अवैध कब्जे से भी महीने की कमाई कर रहा है।

1 वर्ष बाद भी नहीं 248 की कार्यवाही..

रोहित शाहू नाम के भूमाफिया को वर्ष 2024 में ग्राम बारकोड की शासकीय भूमि खसरा नंबर 790 के अंश रकवा 0.009 हे. से बेदखली का आदेश तात्कालिक तहसीलदार आर.के. पद्माकर ने जारी तो किया लेकिन बेदखली की कारवाही न तात्कालिक तहसीलदार कर सके और ना ही वर्तमान आज 1 वर्ष से अधिक समय गुजर गया है लेकिन भूमाफिया रोहित पर कार्यवाही नहीं हुई।

अतिक्रमित भूमि से लाखों की हो रही कमाई..

नियमों की माने तो जो भूमि अवैध तरीके से कब्जा करी गई है उसकी कमाई भी अवैध ही होती है लेकिन इन सब नियमों को ताक में रख कर 7 हजार का जुर्माना लगा कर शायद  आदेश को रद्दी को टोकरी में फेंक दिया गया होगा वहीं दूसरी ओर। भूमाफिया बैंक के साथ एग्रीमेंट कर हर महीने लगभग 5 से 10,000 रूपये उसी भूमि से अवैध कमाई कर रहा है सीधा भाषा में यह कहा जाना मुनासिब होगा कि जिस शासकीय भूमि से शासन को इनकम होनी चाहिए थी वो सीधे तौर पर भूमाफियों में के जेब में जा रही है लेकिन जिम्मेदार सबकुछ देखते हुए भी कार्यवाही पर बौने साबित हो रहे।


इनका कहना है

कार्यवाही कराएंगे मै अभी अभी प्रभार लिया हु अभी एस.आई.आर में व्यस्त है कम पूरा होते ही कार्यवाही करवाते है।

आर.के. पद्माकर (नायब तहसीलदार खान्नौद्धि)

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